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ऑप्टिकल चित्रण

किसी भी कैमरे का लेन्स ही अन्त में फोटोग्राफी की सही क्वालिटी निर्धारित करता है। इसकी तुलना मनुष्य की आँख के साथ की जा सकती है। आप जो प्रक्षिप्त छवि देखते हैं। वह आपकी आँख से रेटिना पर प्रतिबिंबित होती है। इस प्रतिबिम्ब की झलक अंत में आपका मस्तिष्क निकालता है। डिजिटल फ़ोटोग्राफी में प्रतिबिम्बत, वैरिओगन लेन्सों (कैमरे की आँख) से कलर साइंस चिप (कैमरे का रेटिना) पर अंकित होती है। इस इलेक्ट्रॉनिक सेंसर से यह प्रतिबिम्ब इन्टेलिजेंट सॉफ्टवेयर ऐल्गोरिद्म (कैमरे का दिमाग) को वितरित होती है। Kodak, चित्रण प्रौद्योगिकी में गहन अनुसंधान और विकास के लिए एक जाना माना नाम है जो अपनी कलर साइंस चिप के साथ इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कलर साइंस चिप के संयोजन से वैरिओगन लेन्स मोहक, आकर्षक कलर प्रिन्ट्स पेश करते हैं, जिन्हें देखकर निपुण फोटोग्राफर भी चकित रह जाते हैं।



फोटो गैलर
 

 

लेन्स प्रदर्शन

 

अत्यंत सूक्ष्म नज़र वाले  Variogon लेन्स बेहद जटिल ऑप्टिकल गणनाओं का नतीजा है और उनमें अनेक गतिमान एकल सूक्ष्म लेन्स समाहित हैं। ऑप्टिकल नियमों के अनुसार हमारे सभी एकल लेन्स एक साथ सही-सही कार्य करते हैं और इस तरह वे आधुनिक डिजिटल कैमरों की सर्वोच्च अपेक्षाओं को पूरा करते हैं।

वैरिओगन लेन्स अधिकतर प्रकाश स्थितियों, यानी भीतर धुंधलके से लेकर बाहरी धूप वाली स्थिति तक में भी चमकीले रंग और सूक्ष्म ब्यौरे अंकित करने में सक्षम होते हैं। वाइड-एंगल (विशालकोणीय) से लेकर ट्रू टेलीफोटो तक के हमारे सभी लेन्सों से आप चित्रों में हूबहू चमक और तीक्ष्णता पा सकते हैं।
 
   
   बैड क्रूज्नैक (जर्मनी) के निकट बिन्गन/राइन स्थित "मौसेटर्म" ("Mäuseturm"), ऊपरी मध्य राइन घाटी यूनेस्को विश्व सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत शामिल है।
   


वैरिओगन लेन्सों में ऐस्फेरिकॉल ऐलिमेन्टस यानी अगोलीय तत्व होते हैं, जो वास्तव में आकर्षक फोटो लेने के लिए कहीं तक भी जा सकते हैं। ये अगोलीय तत्व उन विकृतियों और पैनेपन की क्षति को रोकते हैं, जो वृत्ताकार लेन्सों के कारण हो सकती हैं।
 
हाई जूम
Kodak EasyShare डिजिटल कैमरों में अतिरिक्त लो डिस्पर्शन ग्लास ऐलिमेन्टस (निम्न विक्षेपण वाले दर्पण अवयव) यानी कम फैलाव वाले शीशे के तत्व इस्तेमाल किए जाते हैं ताकि रंग-संबंधी विपथन को कम किया जा सके, जिन्हें उच्च-अनुपात के जूम लेन्सों में नियंत्रण करना कठिन होता है। नतीजतन तड़क-भड़क में कमी आती है और वैषम्य तथा पैनापन बढ़ जाता है और सभी जूम रेजों में रंग संतृप्त हो जाते हैं।
 

ऑप्टिकल डिज़ाइन

ऑप्टिकल डिज़ाइन अपने आप में कठिन कला है, जूम लेन्स प्रणाली की ऑप्टिकल त्रुटि के सुधार का कार्य तो और भी जटिल है। जूम लेन्स कई एकल लेन्सों से मिलकर बनता है, जिनका ऑप्टिकल संदर्भों में एकरूपता के साथ काम करना अनिवार्य होता है ताकि संपूर्ण जूम और संकेन्द्रित दायरे तथा पूर्ण आकृति क्षेत्र में स्पष्ट चित्र लिया जा सके। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह अत्यंत अनिवार्य है कि भौतिक दृष्टि से निर्धारित ऑप्टिकल व्यवधानों, जैसे वृत्ताकार व्यवधान, कॉमा, फील्ड कर्वेचर, अबिन्दुकता, विकृति और रंग-संबंधी व्यवधान को कम से कम किया जाए।



और ऐतिहासिक जानकारी: Variogon लेन्सों के बारे म